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कहने को मिडिया समाचार है।

deepak singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ऊपर योजनाएं नीचे भ्रष्टाचार है।
        
                                                    
                            
सोलह रूपये मे मिलता चार है।।
बोलो तो कोई सच नहीं सुनता
कहने को मिडिया अख़बार है।।

जो सत्य बोलता सताया जाता है।
चापलूस को गले लगाया जाता है।।
आज शिक्षा सबसे बड़ा व्यापार है।
कहने को मिडिया अख़बार है।।

नेता के स्कूल अस्पताल है।
प्राइमरी स्कूल में खुदा ताल है।
राजनीति परिणाम जीत हार है।
कहने को मीडिया अखबार है।।

लिखा वो जाता जो सत्ता को भाता है।
जज के सामने पेशकार रिश्वत खाता है।।
कमीशन तय है कहता थानेदार है।
कहने को मीडिया अखबार है।।
-दीपक सिंह दीपक
9 घंटे पहले
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