तुमने मेरी उम्र माँगी, मैंने तुम्हारी हर ख़ुशी...
तुम उस रात भी मेरे लिए जागती रहीं,
जब मैं अस्पताल के ICU में सोया हुआ था...
मेरे कंधे पर सर्जरी के निशान थे,
और तुम्हारे हाथों में मेरी सलामती की दुआएँ।
तुमने चाँद निकलने तक पानी नहीं पिया,
और मैंने शायद पहली बार इतनी शिद्दत से महसूस किया,
कि किसी की मोहब्बत में
इंसान ख़ुद को कितना महफ़ूज़ पा सकता है।
मगर सुनो हमसफ़र...
तुमने करवा चौथ पर मेरी लंबी उम्र माँगी,
मैंने हर सुबह तुम्हारी मुस्कान माँगी।
तुम मेरी सलामती के लिए व्रत रखती हो,
मैं तुम्हारी ख़ुशियों के लिए उम्रभर का वादा रखता हूँ।
मुझे सिर्फ़ तुम्हारी दुआओं में नहीं रहना,
तुम्हारे हर सुख-दुःख में साथ चलना है।
तुमने मेरे लिए चाँद से दुआ माँगी,
मैंने तुम्हें अपनी ज़िंदगी का सबसे ख़ूबसूरत चाँद मान लिया।
क्योंकि मोहब्बत सिर्फ़ किसी के लिए जीने की दुआ नहीं,
किसी के साथ पूरी ज़िंदगी जीने का इरादा भी है।
मेरी हमसफ़र,
तुम्हारा होना ही मेरी ज़िंदगी की सबसे अनमोल नेमत है।