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प्रलय का स्रोत सदैव जल ही होगा

Deepak Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            प्रलय का स्रोत
        
                                                    
                            

प्रलय का स्रोत सदैव जल ही होगा,
वो नदी में उफ़ान आए…
या आँखों में।

नदी का उफ़ान
किनारे मिटाता है,
और आँखों का पानी
अक्सर रिश्तों की
हदें।

कुछ बाढ़ें
शहर डुबोती हैं,
कुछ आँसू
इंसान के भीतर
एक पूरी दुनिया।

हर आँसू कमज़ोरी नहीं होता—
कभी-कभी
वो उन तूफ़ानों की आवाज़ होता है,
जिन्हें इंसान
बरसों से
ख़ामोशी में सहता आया है।

इसलिए
किसी की आँखों में ठहरे पानी को
सिर्फ़ आँसू मत समझना…

हो सकता है,
वहाँ कोई समंदर
अपना किनारा खो चुका हो।

क्योंकि प्रलय का स्रोत सदैव जल ही होगा—
वो नदी में उफ़ान आए…
या आँखों में।
-दीपक शर्मा ‘दीप’
 
एक महीने पहले
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