विज्ञापन

माँ, तुम्हारी ममता

Deepak Mishra

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            माँ, तुम्हारी ममता अनंत है,
        
                                                    
                            
तुम्हारा प्यार बेअंत है।
तुम्हारी गोद में मैंने सीखा है जीना,
तुम्हारी ममता में मैंने पाया है अपना घर।

माँ, तुम्हारी दुआएं मेरे साथ हैं,
तुम्हारी आशीर्वाद मेरे लिए है।
तुम्हारी ममता में मैंने पाया है अपना सुकून,
तुम्हारी गोद में मैंने सीखा है अपना जीवन जीना।

माँ, तुम्हारा प्यार मेरे लिए अनमोल है,
तुम्हारी ममता मेरे लिए अमूल्य है।
तुम्हारी गोद में मैंने सीखा है जीना,
तुम्हारी ममता में मैंने पाया है अपना घर।

माँ, तुम्हारी दुआएं मेरे साथ हैं,
तुम्हारी आशीर्वाद मेरे लिए है।
तुम्हारी ममता में मैंने पाया है अपना सुकून,
तुम्हारी गोद में मैंने सीखा है अपना जीवन जीना !!!!!
एक वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anil Kumar

4215 कविताएं

View Profile

Rajiv Tyagi

423 कविताएं

View Profile

Sanjay Nirala

42 कविताएं

View Profile

Updesh Kumar

12437 कविताएं

View Profile