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जिंदगी बेबुनियाद

Deepak Fageriya

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जिंदगी बेबुनियाद है तब तक
        
                                                    
                            
कुछ स्याही के गोले सही न होंगे जब तक

हर परिस्थिति का उपहास करेंगे लोग तब तक
कुछ स्याही के गोले सही न होंगे जब तक

कुछ अपना बोलकर खिलाफ़ खङे होंगे
कुछ स्याही के गोले सही न होंगे जब तक


हर लम्हा, हर दर्द तन्हाई में हैं तब तक
कुछ स्याही के गोले सही न होंगे जब तक

ये कहानी हिस्सा रहेगी जिंदगी में तब तक
हार ना मानेंगे जब तक

हर वो दो मुखी चेहरे भी साथ होंगे तब तक
मंज़िल पर पहुंचने का सही समय होगा जब तक ।।

 
2 महीने पहले
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