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पिता – एक छांव सी ममता

Deepa Mourya

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            पापा हैं तो दुनिया अपनी सी लगती है,
        
                                                    
                            
हर मुश्किल राह भी आसान सी लगती है।

माथे की शिकन में छुपा होता है प्यार,
चुपचाप सहें सब, न करें कोई इज़हार।

माँ की ममता शब्दों में बह जाती है,
पर पापा की ममता नज़रों से कह जाती है।

हर सुबह की दौड़ में उनका पसीना,
हमारे सपनों का है वो नगीना।

कम बोलें, पर दिल से दुआएं देते हैं,
हमसे ज्यादा, खुद को हमें बना देते हैं।

न थकते हैं, न रुकते हैं राहों में,
हरदम खड़े रहते हैं हमारी छांवों में।

मेरे प्यारे पापा आप जैसा न कोई
आपके बिना अधूरी है ये ज़िंदगी की धुन।
Father’s Day पर आपको हम प्रणाम करते हैं,
दिल से आपको हम प्यार करते हैं।
एक वर्ष पहले
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