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क्या यहीं है मीडिया

Dakshal Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            पूरे दिन तू-तू, मैं-मैं करते
        
                                                    
                            
खुद की जेब भरते 
जनता को गुमराह कर दिया
नेताओं से हाथ मिला लिया
क्या यहीं है आज की मीडिया
एक मुद्दा पकड़ लिया चार दिन निकल गए
सत्य क्या था किसी को पता न चला
भाषण बाजी में जेब गरम हुई
क्या यहीं है आज की मीडिया
सास बहू समाचार चैनल में अब कोई फ़र्क नहीं दिख रहा
नौटंकी में तो मुद्दा ही गायब कर दिया
और और
जो मुद्दा था ही नही उसे मुद्दा बना दिया
क्या यहीं है आज की मीडिया
सेलेब्रिटी की ख़ूब ख़बर बनाई
गरीब लाचार की खूब उड़ाई
अरे अरे बंद करो
ये चिल्म चिल्ली
कम करो ये नौटंकी
झूठ का पर्दा फाश करो
सच को उजागर करो
देश पे थोड़ा रहम करो
देश पे थोड़ा रहम करो

दक्षल कुमार व्यास
 
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