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उम्र हमारी भी साठ पार कर गई

Dagar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            संग आपके रहने की आदत तो पड़ गई
        
                                                    
                            
ये न सोचिए कि हमारी गैरत ही मर गई
भीड़ है बहुत सम्हल के बोलें हजूर
उम्र हमारी भी साठ पार कर गई।
-ब्रजभूषण वर्मा
एक महीने पहले
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