सरकारी स्कूल के बच्चे..
होते है बहुत अच्छे...
कहने को होते है घर से गरीब...
पर होते है दिल से अमीर...
होती है इनकी अंदर अजीब सी संतुष्टि ।
न जाने कहा से लाते है मन में इतनी तृप्ति ।।
टीचर्स से प्रशंसा सुनने पर खूब ये शर्माते है।
फिर आगे पीछे शोर मचाते है.........।।
ये बच्चें के जिंदगी में आते है उतार-चढ़ाव ।
तब भी कर लेते है हंस कर सब संघर्ष पार।।
औरों से नहीं होते है ये बच्चें...।
कुछ तो है इनमें जो होते है इतने अच्छे।।
नहीं कहा जा सकता कुछ पंक्तियों में इनकी अच्छाइयां।
क्योंकि सच में ये होते है बहुत अच्छे....।।
-प्रियांशी केशरी