शहर कितना भी विकसित हो जाए ,
शहर में रहने वाले शहरवासियों ,
हमेशा अपनी संस्कृति को समेटे हुए संजोए रखना।
अँधेरा चाहे कितना भी घना हो,
साहित्य का दीपक जलाकर
उजाला हमेशा रखना।