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कौन यहाँ पर बैठा है

Brajesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कौन यहाँ पर बैठा है
        
                                                    
                            
मेरी कहानियां सुनने को
तैयार खड़े हैं लोग यहां बस
अपना रास्ता चुनने को
मैं लिये पोटली खड़ा इधर
अपने ख़्वाबों अरमानों की
कुछ पार किये हुए गर्तों की
कुछ छूट गए सोपानों की
कौन यहाँ पर बैठा है
मेरी नादानियाँ सुनने को
तैयार खड़े हैं लोग यहां बस...।
एक महीने पहले
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