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बस यही सबकी कहानी हो गयी है

BRAJESH KUMAR

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बस यही सबकी कहानी हो गयी है
        
                                                    
                            
यह मोहब्बत जो बेगानी हो गयी है
एक यही ताज़ी ख़बर है रोज़ की
बात का चर्चा जो सदियों पुरानी हो गयी है
रहता जो मौजूद उसी को ढूंढने निकले
हर एक मंजिल लगती बेनिशानी हो गयी है
ख्वाब में देती दिखाई एक हकीक़त तो बने
जिंदगी सबकी अब जिंदगानी हो गयी है
फासले दरमियाँ कुछ भी कम हो सके
दिलों में जो बेवजह बदगुमानी हो गयी है
भरते गये वफ़ा के रंग जब से "वफ़ा"
जिंदगी यह खूबसूरत सुहानी हो गयी है
2 महीने पहले
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