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सुषमा स्वराज पुण्यतिथि दिवस

बिमल तिवारी

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इतनी भी जल्दी जाने की क्या ज़िद है
        
                                                    
                            
लौट आओ की अभी हल्दी घाटी बाकी है
अभी तो बनना शुरू हुआ है भारत अपना
सोने की चिड़िया खातिर तेरा काम बाकी है,

तुम दुर्गा हो, तुम शक्ति हो
तुम मर्यादा की प्रतिमूर्ति हो
ये धर्म तेरा है, धाम तेरा है
आसमां पर अब नाम तेरा हैं,

कश्मीर तेरे प्रयासों की बस एक झांकी है
तेरे अथक प्रयासों का फल अभी बाकी है
तेरा काम तेरा ईमान जैसे भारत मां की है
लौट आओ की सिंधु के तट पर शाम बाकी है,

दुनिया में जो नाम देश का
दुनिया में जो काम देश का
विश्व गुरु जो बन रहा है ये
प्रतिफल है बस तेरे वेष का


-- बिमल तिवारी "आत्मबोध"
देवरिया उत्तर प्रदेश


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