साक्षरता की सार्थकता
अक्षर नाम है आनंद दीप,
जीवन में है सर्वश्रेष्ठ ज्ञान दीप।
जीवन का ज्ञान हो विवेकपूर्ण,
जीवन हो हमारा परिपूर्ण।
जीवन में जो आये सुकूनता,
जीवन में मिले सफलता।
अपना कर्तव्य,अपनी सौम्यता,
बस जीवन में आये संपन्नता।
अक्षर ज्योत जो है उजागर,
जीवन में भरे जो ज्ञान का सागर।
आगे कदम अपने बढ़ाकर,
रहे अडिग जीवन सफल कर।
ताकत अपनी स्वयं चूने,
कलम से ही दुनिया बूने।
अपनी भावनाओं को करे स्पष्ट,
जीवन में न हो बस कष्ट।
अपना सफर हम तय करे,
अपने जीवन को मेहनत से भरे।
है ज्ञान सिखाती है सत्यता,
जीवन में न भरे कटुता।
मन की अज्ञानता को हम हरे,
ज्ञान अपने जीवन में भरे।
अंधकार को दूर करके,
पुँज-ज्योत समर्पण करके।
ज्ञान-दीप हम बने,
करे पूरे अपने सपने।
सत्कर्म की राह जो बताता,
साक्षरता की है सार्थकता।
-भूमिका शर्मा
शिक्षिका और लेखिका
ग्वालियर (मध्यप्रदेश)