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बनकर आशिक तो जाहिल हो गया मैं

Bhartendu Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अंजाम तमाम से ग़ाफ़िल हो गया मैं
        
                                                    
                            
तो सारे गुनाहों में शामिल हो गया मै

पानी के बहने से मतलब है मगर
दरिया से कटकर साहिल हो गया मैं

मेरे दिल ने इश्क छुपा भी नहीं पाया
सो दोस्ती का भी कातिल हो गया मैं

कल इक आशिक ये रब से कह रहा था
बनकर आशिक तो जाहिल हो गया मैं
2 महीने पहले
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