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बिछड़ना पड़ता है

Bhartendu Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            खुदके तलाश को घर से निकलना पड़ता है
        
                                                    
                            
मकाम पाना हो तो दूर तक चलना पड़ता है

इश्क में ऐसा नहीं कि दोनों साथ साथ चले
चांद रोशन हो तो सुराज को ढलना पड़ता है

हिज़्र एक पड़ाव है इश्क के मुसाफिरों का
हर आशिक़ को एक दिन बिछड़ना पड़ता है
2 महीने पहले
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