मध्य प्रदेश में चली है आंधी,कौन करेगा कर्जे की माफी!
ना कमलनाथ ना केदार सिरोही, राजनीति पैसों में सोई!
किसान डूबा है कर्जे में, शिवराज सरकार हे चर्चे में!
कोई तो कर्जा माफ़ करो,नहीं तो यह सरकार भी साफ करो।
बैंकों को है ब्याज की चिंता, कौन करे अब प्याज की चिंता!
बाजारों में शराब बिक रही, सरकार अपने हाथ खींच रही!
अर्थव्यवस्था पर मदिरा भारी, फसलों पर कोरोना महामारी!
कैसे घर को चलाए बेचारी, शराबी के घर की नारी।
पेट चीरकर फसल उगाता, भूखा रहकर तुम्हें खिलाता!
उसके नाम पर राजनीति करते, राजनेता आपस में लड़ते!
केसी विडंबना हे देश में देखो, अन्नदाता की आंखें देखो!
न्याय के लिए तुम्हें पुकारती,जैसे माता बेटे को निहारती!
किसान मेहनत को त्यागेगा, देश भुखमरी से भागेगा!
अब भी समय है जाग जाओ, किसानों के हित में हाथ बढ़ाओ!
पूछो शिवराज के तथ्यों से, क्या सरकार जागेगी आत्महत्या से!
अन्नदाता का सम्मान करता हूँ, हाथ जोडकर प्रणाम करता हूँ!
- भगवती लाल गेहलोत
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