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समुदी सीप

Bhagwat Prasad

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मनुष्य को सीप के स्वभाव स्वरुप होना चाहिए
        
                                                    
                            
सीप का ऊपरी आवरण कठोर होता है
पर अंतः बहुत ही कोमल एवं सजग रहता है
वैसे ही मनुष्य को अपने को बनाना आवश्यक है
जिस तरह सीप खतरा महसूस करता है
तोअपने कठोर आवरण संपूर्ण ढक लेता है
उसी तरह मनुष्य को हमेशा अंदर से स्वभाव कोमल रखना चाहिए
जब कभी आए आपात स्थिति मे अपने को कठोर बनाना चाहिए
मनुष्य को सीप के स्वभाव स्वरुप होना चाहिए
-भागवत प्रसाद नायक
10 महीने पहले
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