विज्ञापन

न्यारी घरवाली

Bhagwat Prasad

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मिजाज़ की घरवाली होती है
        
                                                    
                            
मिजाज भी निराला होती है
अंदाज अजीबोगरीब होती है
गुस्सा का अलग अंदाज होती है
प्यार के अनेकों ढंग का इस्तेमाल करती है
बातों-बात में अपना
प्यार का निराला ढंग अपनाती है
बच्चों के लिए अपनत्व उडेल देती है
कभी-कभार नकली गुस्से उडेल देती है
अभिनय कला उत्कृष्ट होती है
कई नायिकाओं कान काट देती है
पल में तोला पल में मासा
यह कैसा है पत्नि की माया
कभी धूप कभी छाया
ब्रह्मा ने ऐसा बनाया
खुद समझ न पाया
स्वयं भगवान विष्णु दिया
एक सुंदर और सुघड नारी
बच्चों की प्यारी-प्यारी
ओर सबसे न्यारी
एक अद्भुत नारी
जो सबसे भारी
भगवान विष्णु जी के पास न तोड़
धन के देवौ लक्ष्मी ने
घमंड भगवान विष्णु को दिए तोड़
परेशान पति इनसे पाये छुटकारा
इसका कोई नहीं है हल
हाथ जोड़कर, गुस्सा करके देखा
पर माफी मांग कर मिला छुटकारा
आज की नारी सबसे भारी
पर है न्यारी-न्यारी और है प्यारी-प्यारी
- भागवत प्रसाद नायक
6 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anil Kumar

4214 कविताएं

View Profile

Priyanshu Saini

1 कविता

View Profile

N manglam

371 कविताएं

View Profile

Gurdeep Singh

143 कविताएं

View Profile

Pradeep Mukherjee

1236 कविताएं

View Profile

Bhupendra Kumar

8 कविताएं

View Profile