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गणतंत्र

Bhagwat Prasad

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            गणतंत्र दिवस एक उत्सव मात्र रह गया है
        
                                                    
                            
न देश में गणतंत्र स्थापित हुआ
लोगों को सिर्फ स्वतंत्रता मतलब है
गणतंत्र से क्या मतलब है
गण मतलब देशवासी
देश के नागरिक किसी को भी चुन कर
लोकसभा, विधानसभा में
किसी को भी वोट दे कर जीता दिया
गण अपना काम पूरा कर दिया
गण नेता को भी गणतंत्र का नहीं पता
विधानसभा और लोकसभा प्रदर्शन बन गया है
कभी नारेबाजी कभी पौस्टरबाजी
हजार प्रकार के नौटंकी
हजार प्रकार के नाटकबाजी
सिर्फ लोकसभा और विधानसभा न चलने देना है
वे सब हमारे दिये कर का दोहन
बिना काम-काज कर रहे हैं
सरकारी नोकर एक दिन भी काम न आये
तो वेतन काट लिया जाता है
यदि चुने गए नेता सदन मे काम न करें
तो इनका वेतन-भत्ता कटना चाहिए
सबके के लिए कानून है
इनपर भी वही कानून लगना चाहिए
जब कोई तंत्र नहीं तो कैसा लोकतंत्र?
इसमे हमारी भी भूल है
कि हम ही लोकतांत्रिक ढंग से चुनते हैं
हम सही चुन भी लेतें हैं
तो वे भी बदल जाते हैं
इसका तात्पर्य यह हुआ कि
सब स्वतंत्र है कहीं भी
कुछ बोल सकतें हैं
गणतंत्र देश मे कहीं नहीं है
गणतंत्र एक उत्सव मात्र ही रह गया है
- भागवत प्रसाद नायक
7 महीने पहले
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