आजकल सोच क्यों कर विपरित हो गई है
क्या सभी मानसिकता बदल गई है?
आजकल विचारक की कमी हो गई है
विचारधाराएं बहुत सारे उपजी हैं
पर विचारक के सिवाय कोई समर्थक नहीं है
मनुष्य तो बकुल हो सकता है
पर अब विचारधारा ही बकुल हो गई है
- भागवत प्रसाद नायक