मेरा प्यारा देश है भारत जी जग से न्यारा मध्यप्रदेशजी,
इसकी शोभा का करती हूं वर्णन.....
गीत शब्दों में गाऊं जी,
चारो-ओर फूल बिछाऊं जी,
इसकी शोभा का करती हूं वर्णन ...
महिमा इसकी जग से न्यारी,
कल-कल करती नदियां सारी, विंध्याचल आंचल की छाया.....
भारत का ह्रदयप्रदेश जी,
प्यारा सा ये मध्यप्रदेश जी,
महिमा गाऊं मैं इसकी हरदम ......
मेरा प्यारा देश है भारत जी,
जग से न्यारा मध्यप्रदेश जी, इसकी शोभा का करती हूं वर्णन .....