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हाँ ! उसके होने का एक्सास ही, खालिस 'इबादत' है

Badre Alam

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तेरे कहने पे ही क्यूँ कर, खुदा मैं मान लूँ तेरा
        
                                                    
                            
अगर वो सिर्फ़ तेरा ही खुदा निकला तो क्या होगा?

जरा कोशिश तो कर बे हर्फ़ बे अल्फ़ाज़ व नंबर के
खुदा कैसा तेरा होगा, तेरी तस्बीह का क्या होगा ?

मोहब्बत और इबादत में तो, टेक्नोलॉजी नहीं होगी !
वगर ना हम गरीबों की, खरीदारी का क्या होगा ?

बड़ी हैरत, तेरे होने का ही, अहसास गायब है !
तू सब में है, मगर नुस्खा तेरे पाने का, क्या होगा ?

हाँ ! उसके होने का एक्सास ही, खालिस 'इबादत' है
यूँ ही ता उम्र गर, सजदे में, सर मारा तो क्या होगा ?
एक दिन पहले
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