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वो बज़ाहिर है चार सू न दिखा ?

Badre Alam

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जो दिखा सच नहीं होता अक्सर
        
                                                    
                            
कैसे कह दूँ की सच कहा तूने ?

अपना अपना अलग नज़रिया है
वरना बस वाक़्या सुना तूने ?

प्यार करने की चीज़ है ही नहीं
इसके एहसास को छुआ तूने ?

अहमियत है तुम्हारे लहजे की
वरना जुमला अदा किया तूने ?

वो बज़ाहिर है चार सू न दिखा ?
किस नज़र से उसे देखा तूने ?

सिर्फ तस्वीर अपनी देखि है
खुद का चेहरा कभी देखा तूने ?
एक महीने पहले
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