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मैदान का महासंग्राम

Babu Ratanpura

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            गूँज उठा है फिर से नारा,
        
                                                    
                            
झूम रहा है विश्व ये सारा।

हरी घास का सज गया आँगन,
फुटबॉल में अटका हर मन।

एक गेंद और ग्यारह खिलाड़ी,
दौड़ रहे हैं बनके शिकारी।

पाँव का जादू, सिर का कमाल,
नेट में जाकर फँसे जब बाल !

‘गोल’ हुआ तो गूँजा स्टेडियम,
थम जाता है पल भर को दम।

कोई रोया, कोई मुस्काया,
जीत का परचम किसने लहराया?

मेसी, रोनाल्डो या कोई नया सितारा,
हर दिल में है अरमान हमारा।

देश भले ही अलग-अलग हों,
खेल ने सबको गले लगाया।

यह सिर्फ खेल नहीं, एक जंग है,
जिसमें पूरा विश्व एक रंग है।

फुटबॉल का यह महाकुंभ निराला,
इसने हर दिल में जोश भर डाला!
3 महीने पहले
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