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अकेले मे सब है, भीड़ तो है बहाना

Baban Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अकेले थे आए ,अकेले है जाना
        
                                                    
                            
बहुत सारे रिश्ते यहां है निभाना ।

कहां से चले थे, कहां तक है जाना
ये जीवन की दरिया का कुछ ना ठिकाना ।

अकेले मे सब है, भीड़ तो है बहाना
चलो दर्द- ए -दिल का अकेले में गाना ।
-बबन कुमार
16 मिनट पहले
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