अकेले थे आए ,अकेले है जाना
बहुत सारे रिश्ते यहां है निभाना ।
कहां से चले थे, कहां तक है जाना
ये जीवन की दरिया का कुछ ना ठिकाना ।
अकेले मे सब है, भीड़ तो है बहाना
चलो दर्द- ए -दिल का अकेले में गाना ।
-बबन कुमार
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