जब जब छुपकर आतंकी ने आकर घातक वार किया
ढूँढ ढूँढ कर क्रूर कुकर्मी को वीरों ने मार दिया
टूटा सब्र उरी घटना से अन्दर घुस संहार किया
भारत के अद्भुत कौशल ने तन विद्युत संचार किया।
पुलवामा ने जड़ से दुश्मन से विश्वास उखाड़ा था
घुसे पाँच सौ मील दुष्ट का बालाकोट उजाड़ा था
घर में घुसकर मार क्रूर को साहस अपना दिखा दिया
घूम रहे बेखौफ दुष्ट को घर में छुपना सिखा दिया।
मुस्किल से फिर से घाटी में स्वर्ग आज दिख पाया था
जे. के. वर्षों बाद प्रगति की नई राह लिख पाया था
पहलगाम में बहनों का सिंदूर मांग से पोंछ दिया
धर्म पूछ कर सत्ताइस का जीवन जग से नोंच लिया।
नवभारत की सेना ने सिंदूरी प्रबल प्रहार किए
आतंकी आकाओं के घर दल पल में संहार किए
सरिता सन्धि तोड़ दुश्मन पर तीव्र वारि से वार किया
पहली बार सिंधु समझौता भारत ने दुत्कार दिया।
26/11 का आतंकी हमला बड़ा भयंकर था
सौ छ्यांसठ निर्दोष घरों में आँसू भरा समंदर था
अति से ज्यादा मौतें करके दुश्मन ने ललकारा था
क्यों प्रसाद तब सेना की हिम्मत को नहीं पुकारा था।
नवभारत सा उत्तर सेना दुश्मन को तब दे पाती
गीदड़ भभकी देने की कुछ आदत ही कम हो जाती
अगली बार वार करने में कुछ तो हिचक रहा होता
मिट्टी में मिलने के डर से पीछे खिसक रहा होता।
फूट रहे थे तुर्की के सब ड्रोन गगन गुब्बारे से
चीनी हथियारों को जलते देख रहे अंगारे से
नभ में पहली बार पाक को हमने जलते देखा है
सिंदूरी हमले में भारत खून उबलते देखा है।
किया न होता यदि दुश्मन पर भारत ने हमला सिंदूर
पता न चलता ज़ंग फतह के कौशल से हम कितनी दूर
नभ में मार ड्रोन दुश्मन के भस्म मिसाइल कर डाली
सभी अचूक निशानों से जग भर में दहशत भर डाली।
-भगवती प्रसाद