कहने को छोटा सा काम है।
पर् हो जाने पर् बडा मुकाम।।
मन्नतें उनकी आपके साथ है।
जिनसे आपकी रोजाना बात है।।
बीत जाएंंगे कष्ट के ये पल।
बस थोड़े समय की बात है।।
धैर्ये संयम और साहस् की हो रही अब परीक्षा।
ना जाने अब क्या है समय की इच्छा।।
कहने को छोटा सा काम है।
पर हो जाने पर् बडा मुकाम है।।
(कुमार अवनीश)
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