विज्ञापन

दूध का कर्ज़

Avinash Ranjan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मां की ममता छलक उठी ,
        
                                                    
                            
जब नन्हा शिशु स्तन-पान किया।

गौ माता ने चटकार किया,
जब नन्ही बछिया थन- पान किया ।

३ वर्ष तक किया मां के दूध का अमृत-पान,
स्वस्थ, सुंदर , सुडौल शरीर आकार बना ,
मां का अनमोल उपहार।

फिर बचपन से वृद्धावस्था तक,
गौ माता के दूध ने किया बहुत उपकार,
जीवन भर सभी रोगों से मुक्त कर किया मुफ्त उपचार।

स्वर्ण तत्व से भरा सर्वोत्तम सात्विक पौष्टिकआहार दूध,
बनाता स्वस्थ शरीर को ऊर्जावान ।

चुका नहीं सकता जन्म- जन्मांतर ,
मां और गौ माता के दूध का कर्ज ।

फ़र्ज़ हम-सभी का,
जीवन - पर्यन्त मां और गौ माता की निस्वार्थ सेवा करना ।

छलकेगा फिर दोनों माताओं का प्यार,
आशीर्वाद देंगी बारम्बार,
युग- युग जियो मेरे लाल।

- अविनाश रंजन 
6 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Dn Chaubey

7095 कविताएं

View Profile