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क्षणिका

Avinash Beohar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            देश की दुर्दशा से
        
                                                    
                            
हम बहुत थे
परेशान ।
जरा धीरे बोलिए
दीवार के भी
होते हैं कान ।।

 हम बहुत
मायूस रहे हैं।
राजनैतिक दल
देश का खून
चूस रहे हैं।।
-अविनाश ब्यौहार
 
3 महीने पहले
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