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ये पत्रकार बड़े हैं

Atmaram Yadav

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            शहर में इनकी खूब चर्चा है
        
                                                    
                            
अतिक्रमण हटाने वाली टीम के
अधिकारियों से चलता खर्चा है।
ये शौकीनमिजाज है
सभी जगह खूब चरते-फिरते हैं
सांडों को इनपर नाज है।
ये सरकारों से बड़े हैं
इनका नाम खूब चलता है
ये सरदार बड़े हैं।
ये जो तंबुओं से तने बने हैं
नौकर इनके पढ़े लिखे हैं
ये अंदर ही अंदर जले भुने हैं।
ये दमदार है इनमें बड़ा दम है
बड़ा हाजमा है इन्हें सब हजम है
ये ऐसे वैसे नहीं छटी हुई रकम है।
कम नापना-तौलना इनका काम
ये नेता बड़े हैं लाॅ पढ़े हैं
कम जाॅचना-तौलना इनके नाम।
ये सोने के पलने में चान्दी से चलते हैं
इनके ओठों पर लाली,गाल गुलाबी है
ये साॅझ ढ़लते ही गर्मी में मचलते हैं।
ये सायकल पर अटके कभी न भटके
खरे सिक्के से चलते रहे हैं
ये बिना पंख के हैं सभी से जरा हटके ।
ये दिखते गुुटके से हैं गजब लटके से
किसी पेटूबाला सा पेट मटका है
इनके अजूबेपन का देश में खटके हैं।
ये दिमाग गिरवी रखते हैं बुद्धिवंद है
अक्ल के दरवाजे सदा रखते बंद है
पीव खेलते-खाते ये रहते स्वच्छन्द है।
यहां के पत्रकार बहुमुखी है बहुमत से दूर
अखबार चैनलों के पीव ये है परिपोषक
निर्दन्दी हैं अपने अधिकार पाने मतिमन्द भरपूर।


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6 वर्ष पहले
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