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जीवन की कहानी

Atmaram Yadav

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जीवन की कहानी
        
                                                    
                            
मेरी जिन्दगी में
कदम बहकते रहे हैं
बचके निकलना था मुश्किल
बेदाग निकलते रहा हूूूं।
माना कि कई भूले
मुझे जीने नहीं देती
जो उठाये थे कदम मैंने
बहुत सोच समझके
मन में घुटती रही थी आहें
मैंने रवानगी दी है।
सहमी सहमी सी है
अन्जानी सी यादें
मीत थे वे हुये पराये
जो पास थे लौट के न आये
पीव आॅखें से छलके
गिरते रहे मेरे आॅसू
जीवन की दर्दभरी
कहानी यही है।


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6 वर्ष पहले
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