भाई बहिन जैसे दो चुम्बकीय ध्रुव
हम सगे भाई-बहिन
कई सालों से
ऐसे रहते हैं
जैसे
जिन्दगी और मौत ।
जैसे ये दोनों
न अलग है
न ही मिल सके
ठीक वैसे ही जैसे
नदी के दो किनारे हो
या आकाश का छोर हो
पीव हम सगे भाई-बहिन के सम्बन्ध
दो चुम्बकीय ध्रुव की तरह
होकर रह गये हेै ?
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