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कि तेरे इंकार के बाद भी, तेरा ही इंतज़ार रहता है।

Ashlesha Srivastava

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            एक आरज़ू तुझे देखने की है,
        
                                                    
                            
हाँ... बस देखने की है।

नहीं पाना तुम्हें,
जब तुम्हें मुझसे कोई मोहब्बत नहीं।

नादान दिल है थोड़ा मेरा,
जो लग गया है तुझसे।

आकर समझा दो एक बार तुम
इस दिल को भी,

जिसे तुमसे अब
इतनी मोहब्बत हो गई है...

कि तेरे इंकार के बाद भी,
तेरा ही इंतज़ार रहता है।

न जाने क्यों इतनी जुस्तजू हो गई है,
की दिल भी सिर्फ तेरे लिए ही बेकरार सा रहता है।

एक आरज़ू तुझे देखने की है,
हाँ... बस देखने की है।
एक दिन पहले
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Dn Chaubey

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