14 फरवरी का दिन वो काला था
पुलवामा में हुआ वीरों पर हमला था
हम प्यार की दिवाली मना रहे थे
वो होली खून की खेल रहे थे
बारूद भर कर के आतंक मचाया था
40 शहीदों के बलिदान को नमन हमारा
भारत मां की आंखों में अश्कों का समंदर था
अपने बेटों की शहादत पर सूना मां का आंचल था
जुबां पर वीरों के बस एक ही नारा था
चाहे जान चली जाए पर झंडा ऊंचा रहे हमारा
देश के जवानों की वीरता को सलाम हमारा
इनके माता पिता के चरणों में प्रणाम हमारा ।