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करें यक़ीन कैसे

Asha Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            करें यक़ीन कैसे किसी के चेहरे पर।
        
                                                    
                            
हर चेहरे के पीछे सैकड़ों कहानी है।।

हो ऐतबार कैसे किसी के बातों का।
हर लहज़े में छिपी झूठ बदगुमानी है।।

रहे करीब या दूरी फर्क नहीं है कोई।
हर शख्स की अपनी हीं एक कहानी है।।

कहीं शिद्दत की चाहत कहीं फरेब दिल में।
कहीं दिलों में छायी सदियों से वीरानी है।

मोहब्बत तो बस खेल है नसीबों का।
हाथ आए तो मोती वरना पानी है।।

किसी का साथ मिले जिंदगी गुज़र जाएं।
नए ज़माने में ये बातें अब पुरानी है।।
एक महीने पहले
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