विज्ञापन

बीबी के गुलाम का सास दिवस

Arvind Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            नई नई दुल्हन का फरमान
        
                                                    
                            
पति जी आपको नहीं है ध्यान
आ रहा है अक्टूबर का चतुर्थ रविवार
हर साल मनाया जाता है सास दिवस
दामाद जी हुए नतमस्तक
बार बार करे चरण स्पर्श
आपकी बेटी में हैं आपके गुण
बता दें उसकी भी है एक सास
बहू हो सास की करो सेवा
दे कोई उपहार ले भरपूर प्यार
बीबी का हूं गुलाम,
मां को मिले सम्मान
नहीं करना है सास का अपमान।।
अक्टूबर का है चतुर्थ रविवार
सास दिवस को खुशहाल मनाएं।
-अरविन्द कुमार शर्मा
3 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Pradeep Kairana

2 कविताएं

View Profile

Kunwar Sarvendra

167 कविताएं

View Profile