नई नई दुल्हन का फरमान
पति जी आपको नहीं है ध्यान
आ रहा है अक्टूबर का चतुर्थ रविवार
हर साल मनाया जाता है सास दिवस
दामाद जी हुए नतमस्तक
बार बार करे चरण स्पर्श
आपकी बेटी में हैं आपके गुण
बता दें उसकी भी है एक सास
बहू हो सास की करो सेवा
दे कोई उपहार ले भरपूर प्यार
बीबी का हूं गुलाम,
मां को मिले सम्मान
नहीं करना है सास का अपमान।।
अक्टूबर का है चतुर्थ रविवार
सास दिवस को खुशहाल मनाएं।
-अरविन्द कुमार शर्मा
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X