बहुत सी बातों का कोई,
जवाब नही होता,
सच्चे प्यार का कोई
हिसाब नही होता,
शाखों पर फूल आते हैं,
खिलते हैं,मुरझा जाते हैं
उम्र पूरी करते हैं,
और गिर जाते हैं,
उनकी खुश्बू का
कोई जवाब नही होता,
चाहते रहना किसी को,
एक तरफा ही सही,
प्यार में लेने देने का
हिसाब नही होता,
हर लम्हा घटती रहती है उम्र,
चाहे हमे इसका
एहसास नही होता,
कभी कभी बस भर भर आती है,
नजर मेरी,
इन आंसुओ का कोई
ख्वाब नही होता,
मेरे माथे से गिरते हुए पसीने में,
मेरे हाथो में पड़े हुए छाले में
कितनी मुश्किलें छुपी हुई है
एतबार नही होता,
मत परखो किसी को भी
मौजूदा हालात से,
कोयले में हीरा छुपा होता है,
सहसा ये विश्वास नही होता.|