विज्ञापन

दूर मुझ से क्यूं बिना बात हुए जाते हो

Arun Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ये बता दे कि भला क्यूं तू ख़फा है मुझ से ,
        
                                                    
                            
कौन सा ऐसा बड़ा जुर्म हुआ है मुझ से।

जो मेरी साँस मेरे दिल में बसा है हर दम,
जाने क्यूं आज वो अनजान बना है मुझसे।

दूर मुझ से क्यूं बिना बात हुए जाते हो,
चैन दिल का क्यूं भला छीन लिया है मुझ से।

इन अदाओं का तो पहले ही से मारा हूं मैं,
इंतिहा ये कि वो फिर रूठ गया है मुझ से।

आज ख़ुशियों का नहीं कोई ठिकाना मेरी,
कोई हमदर्द गले आज मिला है मुझ से ।

है ज़ुबाँ पर तेरी इन्कार मगर ए दिलबर,
तेरी आँखों ने तो कुछ और कहा है मुझ से।
- अरुण शर्मा 
13 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anita Dasani

15 कविताएं

View Profile

Updesh Kumar

12768 कविताएं

View Profile

Shivendra Mishra

4 कविताएं

View Profile