विज्ञापन

माँ की ममता

Arti Kumari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            माँ।
        
                                                    
                            

हर धूप की तपिश मे
अपने आँचल की छाया देती माँ।
कांच के आसमानी टुकड़े और उन पर बिछलती सूर्य की करुणा, उन सब को सहेज लेती है मँ।

दुनिया हमें ठुकरा देती है पर हमें दिल से अपनाती है माँ।
मीठी -मीठी प्यार भरी बातों से,
हमेशा थकान मिटती है माँ।
रिश्तों को खूबसूरती से निभाना सिखाती है माँ।

माँ का आसीष है दुवा मेरे लिए
बाट के अपना माथा ,आखें चेहरा दिऐ,
खुद से भी ज्यादा खूबसूरत हमें बना दिऐ

हर धूप की तपिश मे
अपने आँचल की छाया देती माँ
हर गम को हँसते-हँसते सह जाती माँ

 
2 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Milan Thakur

5 कविताएं

View Profile