लोकतंत्र का देखिए है यह पर्व महान
काम सब छोड़ के कर आओ मतदान
भइया, बात पे हमारी तुम देना ध्यान
गद्दारों को मत बनाना नेता बलवान
इसी सोच से होगा देश का कल्यान
काम सब छोड़ के कर आओ मतदान
उठो मेरे ताई-ताऊ और चाची-चाचा
देश विरोधियों के जड़ दो एक तमाचा
हम सब लोगों का यह कर्तव्य महान
काम सब छोड़ के कर आओ मतदान
मौसा-मौसी को भी तुम देना बताए
कुछ छूट जाए, वोट नहीं रह जाए
बात को हमारी सुनो लगाकर कान
काम सब छोड़ के कर आओ मतदान
आओ दीदी-जीजा, आओ भइया-भाभी
लगा दो घर में ताला, यह लो चाभी
सबके वोटों का है अपना मोल महान
काम सब छोड़ के कर आओ मतदान
सूरज निकला हो गई भोर की बेला
आओ गुरु जी, आ जाओ सारे चेला
बाद को कर लेना तुम सब जलपान
काम सब छोड़ के कर आओ मतदान
बिटिया हो गई अट्ठारह बसंत के पार
इसका भी वोट पड़ जाए अबकी बार
सारे पर्वों में यह भी है एक पर्व महान
काम सब छोड़ के कर आओ मतदान
किराये की कोयल, मिट्ठू बोल रहे हैं
बातों से कानों में यह रस घोल रहे हैं
सुनो सबकी, करो मनकी, हो सावधान
काम सब छोड़ के कर आओ मतदान
मन पावन गंगा सा, नहीं हो कोई खोट
सच्चे मन से देकर आओ अपना वोट
ऐसे ही होगा समस्याओं का समाधान
काम सब छोड़ के कर आओ मतदान
सत्ता ने ही देश को टुकड़ों में बांटा है
बातों में प्रिय, इनकी घाटा ही घाटा है
फिर जनम न ले पाए कोई पाकिस्तान
काम सब छोड़ के कर आओ मतदान
दाग भ्रष्टाचार का अबकी से मिट जाए
सोन चिरैया फिर से यह देश कहलाए
हम सबके मन में समाए यही अरमान
काम सब छोड़ के कर आओ मतदान
देश बचाने को जातिवाद पर मत मरना
सब में लगे भला, वोट उसी को करना
इस बार कर्तव्य का अपने रखना ध्यान
काम सब छोड़ के कर आओ मतदान
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@अरशद रसूल
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