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झूठ जाल फरेब से, जो, ताउम्र

ARAVINDA MOHUN

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            झूठ जाल फरेब से, जो, ताउम्र, ठगते रहे औरों को
        
                                                    
                            
खुद को चूना लगता देख, बहुत घबराये।।
हाय हाय कर जो झूठी तसल्लियां देते रहे औरों को
देख, अपने दर, बर्बादी के आसार बहुत घबराये ।।
देख अपनी बर्बादियों का मंज़र वे ही बहुत घबराये
औरों की बर्बादियों पर जो थे बहुत खिलखिलाये।।
2 घंटे पहले
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Shivam Awasthi

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