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हर घड़ी दुनिया को शिकायतों का सिलसिला

ARAVINDA MOHUN

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हर घड़ी दुनिया को शिकायतों का सिलसिला, क्यों बनायें।
        
                                                    
                            
इन झाड़ फानूसों की झाड़ियों से कुछ फूल,चुन लायें।।
चुभन फूलों से भी होती रही है, जमाने वालों को, फिर कांटों के सिर ही क्यों सारा इलज़ाम लगाया जाये।।
दमन से दीवानगी की लौ और भड़की ही है, नासमझों
को ये बातें कैसे समझायी जायें।।
2 सप्ताह पहले
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