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बस रंग बदलता है

अर्द्धचंद्रधारी त्रिपाठी

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हर पल इस जीवन का रंग बदलता है। आती जाती सांसें महसूस कीजिए तो।
        
                                                    
                            
हर लम्हां जीवन का उम्मींद में पलता है।
रूखा सूखा हो या रंगीन हो पल फिर भी। फितरत है यही उसकी बस चलता रहता है।
ख्वाबों की खयालों की कीमत नहीं होती है।
अरमानों की दुनियां में इज्जत नहीं होती है।
ख्वाहिशों का दौर यहां रूकता नहीं पलभर।
हर पल इस जीवन का बस रंग बदलता है।
2 महीने पहले
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