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बस रंग बदलता है

                
                                                         
                            हर पल इस जीवन का रंग बदलता है। आती जाती सांसें महसूस कीजिए तो।
                                                                 
                            
हर लम्हां जीवन का उम्मींद में पलता है।
रूखा सूखा हो या रंगीन हो पल फिर भी। फितरत है यही उसकी बस चलता रहता है।
ख्वाबों की खयालों की कीमत नहीं होती है।
अरमानों की दुनियां में इज्जत नहीं होती है।
ख्वाहिशों का दौर यहां रूकता नहीं पलभर।
हर पल इस जीवन का बस रंग बदलता है।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 महीने पहले

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