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अफसाने

Anushka Chaudhary

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अफसाने ही होंगे वो
        
                                                    
                            
कुछ याद रहे, कुछ भुला दिया
एहसास में उतरे जो लम्हें
ना लिख पाए ना कहा गया....
बेशक ना वाकिफ हो हमसे
आतिश दिल में एक ही है
अंजाम हुआ क्या, फर्ज करो
ना मर पाए ना जिया गया...


हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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7 वर्ष पहले
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