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हाँ, मैं लड़का हूँ…

Anurag vishwkarma (aiyaar)

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हाँ, मैं लड़का हूँ…
        
                                                    
                            

हाँ, मैं लड़का हूँ,
परेशानियों में अक्सर
अकेला रहना पसंद करता हूँ,
चुपचाप अपने दर्द को छुपाकर
हर हालात से गुजरता हूँ।

चेहरे पर मुस्कान रखता हूँ,
ताकि कोई सवाल न करे,
दिल में तूफ़ान लिए चलता हूँ,
ताकि कोई मेरा हाल न पढ़े।

वैसे तो रिश्ते हैं मेरे भी
इस दुनिया में हजारों,
मगर सच ये है कि
बिना किसी मतलब के
मेरा हाल पूछने वाले
बहुत कम हैं यारों।

मैं सबके दुःख में खड़ा रहा,
सबकी ख़ुशियों में मुस्कुराया,
किसी ने मेरे दिल में झाँककर
ये नहीं पूछा—
“तूने अपना दर्द कहाँ छुपाया?”

मुझे भी कभी-कभी
मन करता है कोई अपना हो,
जो बिना वजह पास बैठे,
बिना पूछे समझ जाए
कि आज दिल थोड़ा उदास है।

मगर मैं फिर चुप हो जाता हूँ…
क्योंकि मैं लड़का हूँ,
मुझे रोना नहीं सिखाया गया,
बस जिम्मेदारियाँ उठाना सिखाया गया।

इसलिए जब पूछो मेरा हाल,
तो सिर्फ़ इतना मत पूछना—
“सब ठीक है?”

थोड़ा ठहरकर पूछना…
“सच बता,
दिल में क्या चल रहा है?”

क्योंकि हो सकता है
मेरे “मैं ठीक हूँ” के पीछे
एक ऐसी कहानी हो,
जिसे सुनने के लिए
मुझे सिर्फ़ एक अपने की ज़रूरत हो।

 
एक महीने पहले
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