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मेरी प्यारी बहन अंजलि

Anurag vishwkarma (aiyaar)

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बहन, मैं इतना भी क़ीमती नहीं हूँ
        
                                                    
                            
कि मेरे बदले तुमने अपना सुकून ही न्योछावर कर दिया।

मेरी ख़ातिर अपनी खुशियाँ छोड़ देना,
हर दर्द को चुपचाप सह लेना…
ये मोहब्बत तो है तुम्हारी,
मगर मुझे हर बार ये सोचकर डर लगता है—

कहीं मेरी ज़िंदगी सँवारते-सँवारते
तुमने अपनी ही ज़िंदगी तो नहीं हार दी।

काश, मैं तुम्हारे हिस्से का हर दर्द ले पाता…
क्योंकि अंजलि,
तुम्हारा मुस्कुराना ही मेरे लिए
दुनिया की सबसे बड़ी दौलत है। 
एक दिन पहले
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